दुर्गा सप्तशती के सिद्ध

Audio

Mantra

For Sarvkalayan -
All Tue Mangalyay Sarvartha Sadike Sive.

Gauri Srnyetrynbke Nmoshute Narayni.



* Barrier discharge and money to achieve this chant Putradi fruitful is-

Srwabadha Vinirmukto funds Sutanvita cereal.

Humans not doubt Mtprasaden Bvishyanti.



* Health and that spells good luck achieving wondrous fruits have their own gods-the Goddess Durga

Subagyn Arogyn happiness in Dehi Dehi.

Jayn forms Dehi Dehi Dehi Dviso Jhi Yasho.



* Evil perish to-

Srnagtrdinart Parayane Paritran.

All Syarti green Narayni Nmotute Devi.



* Prosperity, good luck, health, wealth attainment of liberation and fear-the enemy

Aishwarya Ytprasaden lucky Sampdः health.

Jna Shuyte San films for indirect losses enemy Mokshः



* Vignnashk Mntr-

Srwbadha Tralokysyakileshhwari Prsmnan.

Avmev Tyaya Msmadvari Vinashnm work.

सर्वकल्याण हेतु

सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके ।

शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणि नमोस्तुऽते॥

* बाधा मुक्ति एवं धन-पुत्रादि प्राप्ति के लिए इस मंत्र का जाप फलदायी है

सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वितः।

मनुष्यों मत्प्रसादेन भव‍िष्यंति न संशय॥



* आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्ति के चमत्कारिक फल देने वाले मंत्र को स्वयं देवी दुर्गा ने देवताओं को दिया है-

देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि में परमं सुखम्‌।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥



* विपत्ति नाश के लिए-

शरणागतर्द‍िनार्त परित्राण पारायणे।

सर्व स्यार्ति हरे देवि नारायणि नमोऽतुते॥



* ऐश्वर्य, सौभाग्य, आरोग्य, संपदा प्राप्ति एवं शत्रु भय मुक्ति के लिए-

ऐश्वर्य यत्प्रसादेन सौभाग्य-आरोग्य सम्पदः।

शत्रु हानि परो मोक्षः स्तुयते सान किं जनै॥



* विघ्ननाशक मंत्र-

सर्वबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरी।

एवमेव त्याया कार्य मस्माद्वैरि विनाशनम्‌॥

Vidhi

After setting resolution down Pratipada day of Navratri and Durga idol or picture of the morning bath or Sodsopchar Dkshopchar Panchopchar or smell, flowers, incense lamps are requested to worship oblation. Faces toward the east or the north.

Rudraksha or Tulsi or Holy posture assumed pure sandalwood rosary beads five rounded to chant his desire to put a wreath. Of course it is entirely Navratri wishes to chant Wanchchit. Smayabav only ten times a day, but also constantly chant Durga are pleased.

The text of Mr. Durga Sptsti desire for accomplishment is because of Mr. Durga Sptsti Romance slaughter demons over karma, devotion and knowledge are Triveni. This is part of Sri Markandeya Purana. Divine majesty of the Dharma, Artha, Kama and Moksha is able to provide around Purusharthon. There are some spells in Sptsti source and whose desire is met duly Parayan desired.

नवरात्रि के प्रतिपदा के दिन घटस्थापना के बाद संकल्प लेकर प्रातः स्नान करके दुर्गा की मूर्ति या चित्र की पंचोपचार या दक्षोपचार या षोड्षोपचार से गंध, पुष्प, धूप दीपक नैवेद्य निवेदित कर पूजा करें। मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।

शुद्ध-पवित्र आसन ग्रहण कर रुद्राक्ष या तुलसी या चंदन की माला से मंत्र का जाप एक माला से पांच माला तक पूर्ण कर अपना मनोरथ कहें। पूरी नवरात्रि जाप करने से वांच्छित मनोकामना अवश्य पूरी होती है। समयाभाव में केवल दस बार मंत्र का जाप निरंतर प्रतिदिन करने पर भी मां दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं।

श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ मनोरथ सिद्धि के लिए किया जाता है, क्योंकि श्री दुर्गा सप्तशती दैत्यों के संहार की शौर्य गाथा से अधिक कर्म, भक्ति एवं ज्ञान की त्रिवेणी हैं। यह श्री मार्कण्डेय पुराण का अंश है। यह देवी महात्म्य धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्रदान करने में सक्षम है। सप्तशती में कुछ ऐसे भी स्रोत एवं मंत्र हैं, जिनके विधिवत पारायण से इच्छित मनोकामना की पूर्ति होती है।