श्री चन्द्रिणि SHREE CHANDRINI

Mantra

OM SHREEM CHANDRINI CHAARUMUKHI VIDYAAMAALINI HREEM OM

ॐ श्रीं चन्द्रिणि चारुमुखि विद्यामालिनि ह्रीं ॐ

Vidhi

After completion of chanting, sadhak should bow down in reverence to moon and goddess Chandrini and pray for success. Sadhak should not immerse rosary. It can be used for doing moon-related sadhna in future.

चंद्रिणि मन्त्र का 11 माला जाप करे.
जाप पूर्ण होने पर साधक चन्द्र तथा देवी चंद्रिनी को श्रद्धा सह वंदन करे तथा सफलता की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करे. साधक माला का विसर्जन न करे इसको भविष्य में भी चन्द्र सम्बंधित साधना के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है.
शुक्ल पक्ष के सोमवार से शुरू करे. समय सूर्यास्त के बाद का रहे.
इस साधना में साधक सफ़ेद वस्त्र तथा सफ़ेद आसन का प्रयोग करे.
साधक स्नान आदि से निवृत हो कर उत्तर की तरफ मुख कर बैठ जाए. इसके बाद साधक एक बड़ा सा तेल का दीपक स्थापित करे.
चन्द्रिणि चन्द्र ग्रह की एक एसी ही कला शक्ति है जो की अपने आप में मनुष्य के जीवन को पूर्ण रूप से परावर्तित करने में समर्थ है. जल गमन जेसी दुर्लभतम साधना भी देवी चन्द्रिणि के माध्यम से सम्प्पन की जाती है. कुछ विद्वान तान्त्रिको का यह मत है की चन्द्रिणि देवी वस्तुतः भगवती काली की ही खंड अंश शक्ति है. इस द्रष्टि से उनको योगिनी स्वरुप में भी देखा जाता है तथा कई बार भगवती की सेवा में सतत रत देवी के स्वरुप में भी. पुरातन काल में देवी से सबंधित कई तीक्ष्ण प्रयोग जलगमन की सिद्धि प्राप्ति के लिए किये जाते थे