गंडमूल नक्षत्र

Mantra

गंड मूल दोष अपनी प्रचलित परिभाषा के अनुसार गंड मूल दोष लगभग हर चौथी-पांचवी कुंडली में उपस्थित पाया जाता है तथा ज्योतिषियों की धारणा के अनुसार यह दोष कुंडली धारक के जीवन में अड़चनें पैदा करने में सक्षम होता है।वास्तव में यह दोष होता क्या है, किसी कुंडली में यह दोष बनता कैसे है, तथा इसके दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं। गंडमूल नक्षत्रों का विचार जन्म के समय से किया जाता है। अश्वनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती गंडमूल नक्षत्र कहलाते हैं।...

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